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सोमवार, 17 अप्रैल 2017

राजा चौरसिया और डॉ. अजय जनमेजय को मिला प्रभा स्मृति बाल साहित्य सम्मान

श्री राजा चौरसिया को प्रभा स्मृति बाल साहित्य सम्मान (2014 )
 डॉ. अजय जनमेजय को प्रभा स्मृति बाल साहित्य सम्मान (2015 )
श्री गाँधी पुस्तकालय ,शाहजहांपुर द्वारा 8 मई  2016  को आयोजित भव्य सम्मान समारोह में कटनी, मध्य प्रदेश के वरिष्ठ बाल साहित्यकार राजा चौरसिया और बिजनौर के डॉ. अजय जनमेजय को वर्ष 2014 और 2015 का प्रभा स्मृति बाल साहित्य सम्मान प्रदान किया गया। इस अवसर पर 
शाहजहांपुर के जिलाधिकारी विजय किरन आनंद  ने कहा कि बचपन में कोमल मन पर पड़े हुए अमिट संस्कार ही राष्ट्र के भविष्य की दिशा

तय करते हैं अत: हर बच्चे को अच्छा साहित्य पढने को दिया जाना चाहिए। उन्होंने प्रभा सम्मान स्वरुप स्वरूप दोनों साहित्यकारों को प्रशस्ति पत्र, प्रतीक चिन्ह, अंग वस्त्र, नारियल और तीन हजार एक सौ रूपये (3,100/-) की राशि प्रदान की।

जिलाधिकारी तथा मंचस्थ अतिथियों ने बालपत्रिका बाल प्रभा का विमोचन भी किया।
 समारोह संयोजक कवि अजय गुप्त ने
 जिलाधिकारी महोदय श्री विजय किरण आनंद को अंग वस्त्र, प्रतीक  चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया. 

डॉ हरिओम त्रिपाठी ने उनको बैज अर्पण किया. 

श्री राजा चौरसिया जी ने कहा कि निष्पक्ष भाव और अगाध आत्मीयता से उनका सम्मान हुआ है, जिसे वे जीवन भर न भुला सकेंगे। 
 लेखक और बच्चों के चिकित्सक डॉ. अजय जनमेजय  ने कहा कि ऐसे आयोजन जन जागरण और सामाजिक चेतना का कार्य करते हैं। आज
बच्चों के संवेगात्मक  विकास को  लेकर विशेष सजग होने की आवश्यकता हैं क्योंकि नई पीढ़ी भावना से अधिक भौतिकता के पीछे भाग रही है।
सम्मान समारोह की अध्यक्षता
बाल कविता के मर्मज्ञ सहारनपुर के श्री कृष्ण शलभ जी ने की।
इस मौके पर  उन्होंने नये परिवेश में बाल कविता विषय पर आयोजित संगोष्ठी में कहा कि बाल कविता ने हमेशा बाल मन और उसकी संवेदना के साथ हमेशा युगीन परिवेश  को रेखांकित किया है। बचपन की उपेक्षा राष्ट्र की उपेक्षा है। आज ऐसे मंचों की विशेष आवश्यकता है जो बच्चों में साहित्यिक संस्कार जाग्रत कर उन्हें राष्ट्र के समर्थ नागरिक बना सकें।
कवि अजय गुप्त की पुत्री प्रभा की स्मृति में प्रतिवर्ष दिया जाने वाला प्रभा
बाल साहित्य सम्मान अब तक डॉ. नागेश पांडेय 'संजय', निर्मला सिंह, बरेली,डॉ. बलजीत सिंह, बिजनौर और सुकीर्ति भटनागर, पटियाला को प्रदान किया जा चुका है।
विनोद चंद्र पांडेय ,पूर्व निदेशक , उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान , लखनऊ,
चक्रधर नलिन,लखनऊ, डॉ.  राष्ट्रबन्धु, कानपुर, डॉ राजेश गुप्त, हापुड़,
डॉ. विनय मालवीय इलाहबाद, डॉ. भैरूं लाल गर्ग, भीलवाड़ा ,राजस्थान , डॉ शकुंतला कालरा,दिल्ली विश्वविद्यालय,  डॉ. सुरेंद्र विक्रम,लखनऊ जैसे विद्वान इन  समारोहों  में आ चुके हैं।
इस अवसर आकांक्षा, शिवानी, अनन्या, बुशरा आफरीन, श्रेया, आयुषी, सृष्टि, सृजन,शिवादित्य, स्नेहा, आराध्या, प्रज्ञा आदि कई बच्चों ने बालकविता पाठ किया। सभी बच्चों को पुरस्कृत किया गया।
समारोह में डॉ. हरिओम त्रिपाठी, अरविन्द मिश्र, देशबन्धु शाहजहाँपुरी, विजय कुमार, अनूप गुप्त, कमल शील शुक्ल, डॉ. राजकुमार शर्मा,
ब्रजेश मिश्र,ब्रजेश पांडेय, डॉ.मोहम्मद अरशद खान,  प्रमोद प्रमिल, डॉ. मोहम्मद साजिद खान,  प्रमोद प्रमिल, डॉ. रंजना प्रियदर्शनी, आशा गुप्ता, अरविन्द राज, अख्तर शाहजहाँपुरी, इरफ़ान ह्यूमन, राजेश अवस्थी, शशि गुप्ता, ज्ञानेंद्र मोहन ज्ञान, बृजेश कुमार, डॉ. बलवीर शर्मा, डॉ श्रीकांत मिश्र, अरविन्द राज,  शिवम पांडेय, सुनील कुमार, आशा गुप्ता,
  चन्द्रमोहन दिनेश, सपना गुप्ता, अभिनय गुप्ता आदि बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
संचालन डॉ. नागेश पांडेय संजय और आभार शिवाजी गुप्त ने व्यक्त किया।